-सरकार का सहयोग शिविर है बहुत कारगर, 1100 पर मिल सकती है जानकारी
बक्सर खबर। पूरे प्रदेश में सहयोग शिविर लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। 2 जून को इस अभियान का दूसरा शिविर लगा। अपने जिले के भी सभी प्रखंडों में यह अभियान देखने को मिला। इसके लिए जो कड़े नियम बनाए गए हैं। वह आमजन की समस्या का समाधान करने की दिशा में बड़ा कदम है। आप इसका अनुमान इस बात से ही लगा सकते हैं। इसके सतत अनुश्रवण के लिए प्रभारी मंत्री व प्रभारी सचिव तक जिले में मौजूद रह रहे हैं। प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को यह लगना है। दो जून को प्रभारी मंत्री नंद किशोर राम व जिले के प्रभारी सचिव सह बिजली विभाग के एमडी बक्सर के पूर्व जिलाधिकारी अजय यादव भी यहां पहुंचे और कुछ शिविर में मौजूद रहे। यह तस्वीरें जो आप खबर में देख रहे हैं। यह डुमरांव प्रखंड के चिलहरी पंचायत की है। कहां कितने आवेदन पड़े। यह महत्वपूर्ण नहीं है। इसमें सबसे खास है। तीस दिन में आवेदन का निपटारा हो जाना है।
किस तरह के आवेदन दिए जा सकते हैं
बक्सर खबर। अब हम जानते हैं, इन शिविरों में किस तरह के आवेदन दिए जा सकते हैं। तो इसमें सबसे बड़ा आवेदन है राजस्व संबंधित अर्थात भूमि से जुड़े कामकाज। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा जैसे पेंशन आदि। जन वितरण प्रणाली, जैसे राशन कार्ड बनाने अथवा राशन से जुड़ी शिकायतें। पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेंशन, आवास और भूमि विवाद। इन सभी विभागों से जुड़े आवेदन किए जा सकते हैं। जैसे आपके गांव में बिजली का ट्रांसफार्मर खराब है अथवा सिंचाई के पंप के लिए तार नहीं लगा। इन सभी समस्याओं का समाधान होगा।इस नई व्यवस्था के तहत आप ऑन-लाइन आवेदन भी कर सकते हैं।

सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय कर रहा निगरानी
बक्सर खबर। इन आवेदनों पर क्या कार्रवाई हो रही है। इसकी निगरानी जिले के आलावा प्रमंडल और मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर भी होगी। क्योंकि डीएम के उपर भी सीधी निगरानी के लिए लोगों को लगाया गया है। ऐसे में जो लापरवाही करेंगे। तीस दिन के बाद नपेंगे। इसकी घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कर चुके हैं।
कैसे मिलेगी शिविर की जानकारी
बक्सर खबर। बहुत से ऐसे सीधे-साधे लोग हैं। जिन्हें यह पता ही नहीं चलता। उनके पंचायत में कब और कहां शिविर लगेगा। इस समस्या का समाधान करने के लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। 1100, इस पर संपर्क कर आप अपने पंचायत के शिविर के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों, विकास मित्र, पंचायत सचिव आदि से भी जानकारी ली जा सकती है।

































































































