कर्म ही मनुष्य की पहचान, अच्छे कर्मों से ही होता है उद्धार : पीताम्बर जी महाराज

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श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह और महारास लीला का हुआ भावपूर्ण वर्णन                                             बक्सर खबर। शहर के बाईपास रोड स्थित बस स्टैंड के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को व्यास पीठ से कथा वाचन करते हुए प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य के कर्मों का फल सदैव उसका पीछा करता है। इसलिए हर व्यक्ति को जीवन में अच्छे कर्मों का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का मूल संदेश ही कर्म की महत्ता को स्थापित करना है। कथावाचन के दौरान महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुन श्रद्धालु भक्तिभाव में सराबोर हो उठे।

कथा की शुरुआत गणेश वंदना के साथ हुई। इसके बाद व्यास जी ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन करते हुए कहा कि यह लीला इतनी अलौकिक थी कि स्वयं भगवान भोलेनाथ भी बालकृष्ण के दर्शन के लिए गोकुल पहुंच गए थे। मथुरा गमन प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि जब अक्रूर जी भगवान श्रीकृष्ण को मथुरा ले जाने आए, तब ब्रज की गोपियां विरह व्यथा में भगवान के रथ के आगे खड़ी हो गईं। कथाक्रम में गोपी-उद्धव संवाद एवं श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव की मनोहारी झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ने कहा कि अच्छे कर्म ही मनुष्य को समाज में अलग पहचान दिलाते हैं। व्यक्ति जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है।

उन्होंने लोगों से सत्संग और अच्छी संगति अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। कथा में भाजपा नेता विजय कुमार मिश्रा, मेजर डॉ. पीके पांडेय, भगवान वामन चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी, प्रमोद चौबे, धनंजय मिश्र, सोनू राय, प्रकाश पांडेय, संतोष उपाध्याय, प्रो. श्याम मिश्र, भोला चौबे, गुड्डू राय, विकास चौबे, सोनू बिहारी चौबे, मुख्य यजमान आशुतोष मिश्रा, रेणु मिश्रा, आदित्य कुमार मिश्रा एवं अतुल कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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