परिजनों ने 1000 से ज्यादा दिनों तक झेला दर-दर की ठोकरें खाने का दर्द बक्सर खबर। नया भोजपुर थाना क्षेत्र से तीन वर्ष पूर्व अपहृत हुई किशोरी को आखिरकार पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई में तीन साल लगने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में पीड़िता के परिजनों के बयान पर पुराने भोजपुर निवासी मल्लू सिंह के पुत्र किस्मत कुमार समेत उसके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ पोक्सो एक्ट एवं अपहरण की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी, लेकिन आरोपी लगातार गिरफ्त से बाहर रहा। इस दौरान पीड़ित परिवार न्याय की आस में भटकता रहा।
थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने पत्रकारों को बताया कि विशेष टीम का गठन कर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जिसमें मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही, उसके कब्जे से किशोरी को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक संवेदनशील मामले के खुलासे में पुलिस को तीन साल क्यों लग गए। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो पीड़िता को इतनी लंबी पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है।



































































































