खरीदने से पहले डॉ. दिलशाद आलम की इन पांच बातों का रखें ध्यान बक्सर खबर। मुंबई में बिरयानी खाने के बाद तरबूज सेवन से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की घटना ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। इस मामले को लेकर बक्सर खबर के संवाददाता ने जिले के मशहूर चिकित्सक और साबित खिदमत अस्पताल के निदेशक डॉ. दिलशाद आलम से बातचीत की। डॉ. आलम ने स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में तरबूज खाना हानिकारक नहीं है, लेकिन कुछ खास वजहों से यह खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, गंदे पानी या नालों के किनारे उगाए गए तरबूज में साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पनप जाते हैं, जो गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं। दूसरा, फसल में एल्डीकार्ब जैसे जहरीले रसायनों और कीटनाशकों का अत्यधिक इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है।
तीसरा, तरबूज को जल्दी पकाने और अधिक लाल दिखाने के लिए उसमें कैल्शियम कार्बाइड या एथिफॉन जैसे कृत्रिम रसायनों का इंजेक्शन लगाया जाता है, जो शरीर के लिए अत्यंत खतरनाक है। डॉ. आलम ने लोगों को सावधान करते हुए सलाह दी कि तरबूज हमेशा विश्वसनीय विक्रेता से ही खरीदें। घर लाने के बाद उसे साफ पीने वाले पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि तरबूज काटने पर उसका रंग असामान्य रूप से अधिक लाल दिखे, अजीब गंध आए या स्वाद बदला हुआ लगे, तो उसे बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों से बचें और जागरूकता के साथ फल-सब्जियों का सेवन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।





























































































