भाकपा माले और छात्र संगठनों ने पुलिसिया कार्रवाई को बताया लोकतंत्र की हत्या बक्सर खबर। पटना में टीआरई-4 अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में रविवार को डुमरांव थाना के समीप भाकपा माले, आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज दबाने की साजिश बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव नवीन कुमार, डुमरांव प्रखंड सचिव धर्मेन्द्र यादव, जिला कमिटी सदस्य ललन राम और नगर कमिटी नेता सर्वेश पाण्डेय ने कहा कि अपने भविष्य और रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे टीआरई-4 अभ्यर्थियों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में कई अभ्यर्थी घायल हुए, कई के सिर फट गए तथा महिला अभ्यर्थियों के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया।
नेताओं ने कहा कि बिहार में शिक्षकों के लाखों पद खाली हैं और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, बावजूद इसके सरकार बहाली निकालने के बजाय युवाओं पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने भाजपा-जदयू सरकार पर रोजगार देने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी नौजवान रोजगार और शिक्षा के सवाल पर आंदोलन करते हैं, सरकार पुलिस बल के जरिए उनकी आवाज दबाने का प्रयास करती है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तत्काल टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करने, अभ्यर्थियों की मांगें पूरी करने, लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा घायल अभ्यर्थियों के इलाज और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। कार्यक्रम में खेग्रामस जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, नगर सचिव कृष्णा राम, गोरी शंकर गुप्ता, एपवा नेत्री पूजा कुमारी, ऊषा देवी, गोरी गुप्ता, राधेश्याम शर्मा, मो. नासिर हसन, जाबिर कुरैशी, मैनुद्दीन, कन्हैया ठाकुर, महबूब आलम सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

































































































