फेरीवाले बनकर करते थे रेकी, तीन गिरफ्तार, नकद और बाइक बरामद बक्सर खबर। जिले में बैंक ग्राहकों को निशाना बनाकर उचक्कागिरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। फेरीवाले की आड़ में सक्रिय यह गिरोह बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों की रेकी कर मौका मिलते ही रुपये उड़ा लेता था। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से 1 लाख 38 हजार रुपये नकद तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले का खुलासा शुक्रवार को एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने प्रेस वार्ता में किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छपरा जिले के कोपा गांव निवासी धानु कुमार और दिलीप कुमार, दोनों पिता पप्पू तिवारी, तथा मांझी गांव निवासी विक्की तिवारी पिता दुधनाथ तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों लंबे समय से जिले में सक्रिय थे और सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहे थे। एसडीपीओ ने बताया कि डुमरांव थाना क्षेत्र स्थित एक बैंक के आसपास दो युवक संदिग्ध हालत में घूमते दिखाई दिए थे। जिले में लगातार बढ़ रही छिनतई और उचक्कागिरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस पहले से सतर्क थी। शक के आधार पर दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम खुलासे हुए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बक्सर में तंबू लगाकर रहते थे और चादर फेरी का काम करते थे। इसी बहाने वे विभिन्न बैंक शाखाओं के आसपास घूमते रहते थे। बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले ग्राहकों को चिन्हित कर उनका पीछा किया जाता था। इसके बाद भीड़भाड़ या सुनसान जगह पर मौका मिलते ही जेब अथवा बैग से रुपये गायब कर दिए जाते थे। कई मामलों में पीड़ितों को काफी देर बाद घटना की जानकारी हो पाती थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हाल के दिनों में हुई कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि कुछ दिन पूर्व अरियांव गांव निवासी शिव कुमार कानू से 48 हजार रुपये उड़ाने की घटना का भी खुलासा हुआ है। शिव कुमार डुमरांव राजगढ़ स्थित पीएनबी बैंक से रुपये निकालकर टेंपो स्टैंड पहुंचे थे। इसी दौरान दो युवक उनके साथ वाहन में बैठ गए और डीएवी स्कूल के पास उनकी शर्ट की जेब से रुपये निकालकर फरार हो गए थे। इसके अलावा तिलक राय के हाता थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव निवासी रामेश्वरी देवी से 40 हजार रुपये छीनने की घटना में भी गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर एक अन्य सहयोगी को भी पकड़ा, जिसके पास से नकदी बरामद की गई।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। धानु कुमार के खिलाफ कुचायकोट थाना में कांड संख्या 362/25 दर्ज है, जबकि विक्की तिवारी पर मांझी थाना में कांड संख्या 49/19 पहले से दर्ज है। इस कार्रवाई में डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में एसआई मंगल भूषण पासवान, एसआई प्रियंका कुमारी और डीआईयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

































































































