-जनता की गाढ़ी कमाई की बर्बादी का जिम्मेदार कौन? बक्सर खबर। इटाढ़ी रेलवे गुमटी पर 26.40 करोड़ रुपये की लागत से बने रेलवे ओवरब्रिज शुरू होने के चंद दिनों बाद ही क्षतिग्रस्त होने पर बहुजन शोषित समाज संघर्ष समिति (बीएस4) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार और निर्माण कार्यों में लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली परियोजनाएं कुछ दिनों के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो यह पूरे तंत्र की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण पुल का स्लैब धंस गया। अनिल कुमार ने कहा कि पुल के पांचवें पाये के ऊपर का स्लैब धंसने के बाद प्रशासन को आवागमन रोकना पड़ा। क्षतिग्रस्त हिस्से को लोहे की प्लेटों से ढंक दिया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
बीएस4 प्रमुख ने कहा कि सामने आई तस्वीरों और वीडियो से कंक्रीट और सरियों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की। साथ ही दोषी निर्माण एजेंसी, निगरानी अधिकारियों और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार, स्थानीय सांसद और विधायक को भी कटघरे में खड़ा किया। कहा कि जिस पुल का निर्माण अपनी उपलब्धि बताकर करते हैं, उसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी उन्हें लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि बिहार में विकास कार्यों के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में पुल और पुलिया निर्माण में अनियमितताओं की कई शिकायतें सामने आई हैं, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हुआ है।
उन्होंने राज्य सरकार से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की। उनका कहना था कि विकास केवल उद्घाटन और शिलान्यास से नहीं, बल्कि गुणवत्ता और जवाबदेही से साबित होता है।































































































