पुलिस की क्लीन चिट फेल, एससी-एसटी आयोग के हस्तक्षेप के बाद जेई अमित राय समेत 5 को सम्मन जारी बक्सर खबर। ब्रह्मपुर बिजली कार्यालय में दलित महिला के साथ कथित मारपीट, बदसलूकी और जातिसूचक गालियां देने के मामले में विशेष एससी-एसटी कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाया है। डुमरांव एसडीपीओ की जांच में आरोपितों को क्लीन चिट मिलने के बाद अब एससी-एसटी आयोग के हस्तक्षेप पर कोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए सभी आरोपितों को सम्मन जारी किया है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के ललन जी डेरा निवासी धर्मशीला कुमारी अपने बिजली मीटर में गड़बड़ी की शिकायत लेकर ब्रह्मपुर बिजली कार्यालय पहुंची थीं। आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय वहां मौजूद बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने महिला के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया, धक्का-मुक्की की और मारपीट कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया। घटना में महिला घायल हो गई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ब्रह्मपुर सीएचसी से सदर अस्पताल रेफर किया गया था।
इलाज के बाद पीड़िता ने जिला मुख्यालय स्थित एससी-एसटी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की जांच तत्कालीन डुमरांव डीएसपी और उनके रीडर द्वारा की गई, जिसमें आरोपितों को राहत देते हुए केस से मुक्त कर दिया गया था। हालांकि पीड़िता ने हार नहीं मानी और पटना स्थित एससी-एसटी आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए अपर पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर कार्रवाई की अनुशंसा की। इसके बाद मामले की पुनः समीक्षा हुई और अब जिला एवं एडिशनल सेशन जज-1 सह विशेष एससी-एसटी कोर्ट ने एससी/एसटी थाना कांड संख्या 23/2023 में संज्ञान लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। कोर्ट ने ब्रह्मपुर बिजली विभाग के जेई अमित राय, विभोर तिवारी, ऋतुराज प्रसाद, वर्मा यादव और बबलू पांडेय के खिलाफ सम्मन जारी किया है।
इधर, बिजली विभाग के जेई अमित कुमार का नाम इससे पहले भी विवादों में रह चुका है। कुछ माह पूर्व ब्रह्मपुर पुलिस ने उन्हें छह सहयोगियों के साथ कथित रूप से अवैध हथियार और शराब पार्टी करते हुए गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने करीब 1.15 लाख रुपये नकद भी बरामद किए थे।

































































































