न्यायालय कार्य में बाधा डालने और पंजियों के रखरखाव में लापरवाही पर जिला शिक्षा विभाग का कड़ा रुख बक्सर खबर। जिला शिक्षा कार्यालय ने प्रशासनिक अनुशासन को लेकर एक बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने शहर के एमपी उच्च विद्यालय के लिपिक विनोद कुमार पाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने और न्यायालय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के गंभीर आरोपों में की गई है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा आधिकारिक कार्यालय आदेश जारी कर दिया गया है।निलंबित लिपिक विनोद कुमार पाल वर्तमान में जिला अपीलीय प्राधिकार में प्रतिनियुक्त थे। उन पर कार्यालय की महत्वपूर्ण आगत पंजी, निर्गत पंजी और उपस्थिति पंजी को व्यवस्थित रूप से नहीं रखने का गंभीर आरोप था। पीठासीन पदाधिकारी (प्रशासनिक) द्वारा इस घोर लापरवाही को लेकर उनसे पहले स्पष्टीकरण की मांग की गई थी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित लिपिक द्वारा जमा किया गया स्पष्टीकरण पूरी तरह से असंतोषजनक पाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे कार्य के प्रति घोर उदासीनता और अनुशासनहीनता माना। मामले की जांच रिपोर्ट में जब आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, तब ‘बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005’ के तहत उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के अधीन कर दिया गया। जारी आदेश के मुताबिक, निलंबन की अवधि के दौरान श्री पाल का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र डुमरांव निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता तभी मिलेगा, जब मुख्यालय से उनकी उपस्थिति विवरणी प्राप्त होगी। इसके साथ ही मामले की गहन जांच के लिए संचालन पदाधिकारी और उपस्थापन पदाधिकारी की नियुक्ति अलग से की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई को जिला शिक्षा पदाधिकारी का अंतिम अनुमोदन प्राप्त हो चुका है।































































































