महिला आरक्षण में दलित-पिछड़ी महिलाओं की हिस्सेदारी तय हो: भाकपा-माले

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जनगणना-परिसीमन की शर्त हटाकर तत्काल लागू करने की मांग                                                                  बक्सर खबर। डुमरांव में भाकपा-माले कार्यकर्ताओं और महिला संगठन ऐपवा के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को महिला आरक्षण के मुद्दे पर जोरदार विरोध मार्च निकाला गया। यह मार्च माले कार्यालय से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्ग, गोला रोड और शहीद पार्क होते हुए नया थाना पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेग्रामस जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने की, जबकि संचालन माले नेता ललन राम ने किया। सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव नवीन कुमार ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन इसे जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तों से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर सीटों में वृद्धि कर राजनीतिक संतुलन प्रभावित करना चाहती है, जिससे दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों का प्रतिनिधित्व घट सकता है।

वक्ताओं ने कहा कि महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू किया जाए और इसमें दलित-पिछड़ी महिलाओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही जातीय जनगणना शीघ्र पूरी कर सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई। सभा में केंद्र सरकार के प्रस्तावित संशोधनों और परिसीमन प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई। कार्यक्रम के दौरान आरियाव में छात्रा की हत्या का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। मार्च के दौरान महिला आरक्षण लागू करो, दलित-पिछड़ी महिलाओं को हिस्सा दो और पीड़ितों को न्याय दो जैसे नारे लगाए गए। इस मौके पर धर्मेंद्र सिंह यादव, शैलेन्द्र पासवान, बाबूलाल राम, ऊषा देवी, रिंकू कुरैशी समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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