मैट्रिक से स्नातक स्तर के छात्र ले सकेंगे हिस्सा, ‘जिला उर्दू नामा’ पत्रिका के लिए साहित्यकार 15 जुलाई तक भेज सकते हैं अपनी रचनाएं बक्सर खबर। जिला उर्दू भाषा कोषांग की ओर से ‘उर्दू भाषी प्रोत्साहन राज्य योजना’ के तहत वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में उर्दू भाषा के प्रति रुचि बढ़ाना, अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करना और भाषाई चेतना को मजबूत करना है। प्रतियोगिता में मैट्रिक, इंटरमीडिएट तथा स्नातक स्तर के समकक्ष उर्दू भाषी छात्र-छात्राएं भाग ले सकेंगे। इच्छुक प्रतिभागियों को निर्धारित आवेदन प्रपत्र भरकर अपने विद्यालय अथवा महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्राचार्य से सत्यापित कराना होगा। सत्यापित आवेदन पत्र 25 जून तक जिला उर्दू भाषा कोषांग में जमा करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
जिला उर्दू भाषा कोषांग द्वारा प्रकाशित की जाने वाली वार्षिक पत्रिका ‘जिला उर्दू नामा, बक्सर’ के लिए साहित्यकारों, लेखकों और कवियों से रचनाएं आमंत्रित की गई हैं। उर्दू निदेशालय के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत प्रकाशित होने वाली इस पत्रिका में जिले के शैक्षिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक तथा पारिवारिक विषयों पर आधारित आलेख और कविताएं शामिल की जाएंगी। इच्छुक रचनाकार अपनी रचनाएं 15 जुलाई तक जिला उर्दू भाषा कोषांग के कार्यालय अथवा ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। कोषांग के अनुसार पत्रिका में प्रकाशित होने वाली रचनाओं का चयन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया जाएगा। चयनित रचनाओं के प्रकाशन पर किसी प्रकार का पारिश्रमिक देय नहीं होगा। अधिकारियों ने जिले के साहित्यकारों और कवियों से अधिक से अधिक संख्या में अपनी रचनाएं भेजने की अपील की है।






























































































