शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ श्रीमद्भागवत कथा एवं लक्ष्मी नारायण महायज्ञ

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पुरुषोत्तम मास में आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन, श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा              बक्सर खबर। सर्वजन कल्याण सेवा समिति, सिद्धाश्रम धाम के तत्वावधान में आयोजित 18वां धर्म आयोजन सोमवार को भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हो गया। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सह लक्ष्मी नारायण महायज्ञ 8 जून से 15 जून तक चलेगा। आयोजन की शुरुआत वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार कलश यात्रा और जलभरी कार्यक्रम से हुई। शहर के रामेश्वर नाथ मंदिर स्थित कैलाश यज्ञ मंडप में पूजा-अर्चना के बाद हजारों महिला-पुरुष पीतल और तांबे के कलश लेकर हरिनाम संकीर्तन करते हुए नगर भ्रमण पर निकले।शोभायात्रा पीपी रोड, पुराना सदर अस्पताल रोड, मेन रोड, बड़ी देवी, यमुना चौक और मॉडल थाना होते हुए रामरेखा घाट पहुंची। वहां श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पूजा कर कलश में गंगाजल भरा। इसके बाद यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर कलशों की स्थापना की गई।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शास्त्रों में प्रातःकाल की कलश यात्रा को श्रेष्ठ माना गया है। इसी परंपरा का पालन करते हुए सुबह सात बजे से नगर भ्रमण शुरू किया गया। सायंकाल संत-महात्माओं और विद्वानों का सम्मान किया गया। इसके बाद व्यासपीठ का पूजन संपन्न हुआ। व्यासपीठ से कथा वाचक आचार्य श्री कृष्णानंद शास्त्री पौराणिक जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। इसका श्रद्धापूर्वक श्रवण और पूजन मानव जीवन को दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा पाप, ताप और संताप को दूर कर समाज में सुख, शांति और मानवता की स्थापना का संदेश देती है। आचार्य ने महाराज परीक्षित और धुंधकारी के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भागवत श्रवण की महिमा बताई। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा का नियमित श्रवण करने का आह्वान किया।आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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