प्रशासन ने शुक्रवार को ही गुमटी खोलने की बात कही थी, अब उठने लगे सवाल बक्सर खबर। इटाढ़ी रेलवे गुमटी के समीप निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज में धंसाव और दरार आने के बाद उत्पन्न यातायात संकट गहराता जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार शाम रेलवे गुमटी खोल दिए जाने का दावा किया गया था, लेकिन शनिवार रात 10 बजे तक गुमटी बंद रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। शुक्रवार को आरओबी के पाया संख्या-5 के ऊपर अचानक धंसाव और दरार दिखाई देने के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी थी। घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। शुक्रवार शाम जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर प्रशासन का पक्ष रखा। अधिकारियों ने बताया कि आरओबी का अभी औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ था और उस पर मरम्मत कार्य चल रहा था।
उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करते हुए इटाढ़ी रेलवे गुमटी को बंद कर दिया था। इसकी सूचना जिला प्रशासन को नहीं दी गई थी। गुमटी बंद होने के कारण वाहनों का दबाव आरओबी पर बढ़ गया। इसी दौरान भारी वाहनों के आवागमन से पुल के एक हिस्से में धंसाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रेस विज्ञप्ति में प्रशासन ने दावा किया था कि लोगों की सुविधा को देखते हुए शुक्रवार शाम से ही इटाढ़ी रेलवे गुमटी को दोबारा खोल दिया गया है। लेकिन शनिवार देर शाम तक भी गुमटी बंद रही। स्थानीय रेल अधिकारियों का कहना है कि गुमटी खोलने का निर्णय विभागीय आदेश मिलने के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल उन्हें ऐसा कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। आरओबी और रेलवे गुमटी दोनों बंद रहने से जिला मुख्यालय समेत रेलवे लाइन के उस पार बसे दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है। इससे रोजमर्रा के कामकाज, व्यापार और छात्रों की आवाजाही पर भी असर पड़ रहा है।
प्रशासन द्वारा गुमटी खोले जाने के दावे और जमीनी हकीकत में अंतर को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, तब तक क्षेत्रवासियों की परेशानी कम नहीं होगी। इटाढ़ी रेलवे गुमटी कब खुलेगी, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है। रेलवे विभाग के अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा है। तब तक हजारों लोगों को यातायात संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।































































































