जिला जज काजल झांब ने बताया सेवानिवृत्ति को जीवन के दूसरे अध्याय की शुरुआत, कर्मचारियों से की गरीबों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील बक्सर खबर। व्यवहार न्यायालय परिसर में गुरुवार को सिरिस्तेदार अजय कुमार सिंह के सेवानिवृत्ति के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान न्यायिक पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब ने कहा कि किसी भी सरकारी सेवक की सेवानिवृत्ति उसके जीवन के दूसरे अध्याय की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि सेवा से निवृत्त होने के बाद भी व्यक्ति अपने अनुभव और मार्गदर्शन से समाज और संस्थान को दिशा दे सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अजय कुमार सिंह आगे भी न्यायालय परिवार को मार्गदर्शन देते रहेंगे।
वहीं प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि अजय कुमार सिंह ने न्यायालय की सेवा में उत्कृष्ट योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए सेवा का उच्च मानक स्थापित किया है और उनका पारिवारिक योगदान भी गौरवपूर्ण रहा है। विदाई समारोह में भावुक हुए अजय कुमार सिंह ने कहा कि न्यायालय की सेवा अत्यंत गौरवशाली होती है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे न्यायालय में आने वाले गरीब और पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशील रहें, क्योंकि न्याय की पहली छवि कर्मचारियों के व्यवहार से ही बनती है। इस अवसर पर प्रधान जिला जज काजल झांब ने उन्हें अंगवस्त्र, श्रीफल एवं धार्मिक पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके सुखद और सफल भविष्य की कामना की। सम्मान समारोह में अनुपमा सिंह, उदय प्रताप सिंह, देवेश कुमार, शैलेश ओझा, राकेश कुमार अखौरी, संतोष दुबे, राजीव कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार, धनंजय तिवारी, मृत्युंजय, सुनील कुमार चक्रवर्ती, धनंजय कुमार, नीरज, मनोज कुमार शर्मा, देवकांत पासवान, अरशद युसूफ, अमरेन्द्र भारती, केदार पाण्डेय, अंकित कुमार, राहुल चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे।





























































































