जेई और ईओ को समन जारी, 29 जुलाई को कोर्ट में होना होगा पेश बक्सर खबर। नगर थाना कांड संख्या 601/2025 में पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, बक्सर ने नगर परिषद के दो अधिकारियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला सही पाते हुए संज्ञान लिया है। न्यायालय ने दोनों आरोपितों को 29 जुलाई को अदालत में उपस्थित होने के लिए समन जारी करने का आदेश दिया है। यह मामला अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके आवास के सामने सड़क एवं नाली निर्माण के दौरान नियमों की अनदेखी की गई, जिससे उनके मकान को क्षति पहुंची। शिकायत करने पर नगर परिषद के अधिकारियों ने न केवल उनकी बात अनसुनी की, बल्कि कार्यालय बुलाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट का भी प्रयास किया।
मामले की जांच के बाद नगर थाना पुलिस ने इसे “झूठा” बताते हुए अंतिम प्रपत्र न्यायालय में समर्पित कर दिया था। हालांकि, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने केस डायरी और गवाहों के बयानों का अवलोकन किया। न्यायालय ने पाया कि गवाहों ने शिकायतकर्ता के आरोपों का समर्थन किया है और अभियुक्तों के विरुद्ध प्रथम दृष्टया मामला बनता है। इसके बाद न्यायालय ने नगर परिषद के कनीय अभियंता अंजनी कुमार तथा तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष गुप्ता के विरुद्ध बीएनएस की धारा 115(2), 351(2), 352 एवं 3(5) के तहत संज्ञान लिया। न्यायालय ने मामले को विचारण एवं सुनवाई के लिए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-प्रथम (एसीजेएम-1) की अदालत में स्थानांतरित कर दिया है। साथ ही दोनों आरोपितों को 29 जुलाई 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए समन जारी करने का निर्देश दिया गया है।































































































