शिक्षक द्वारिका पांडेय को आजीवन कारावास

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नौकरी के नाम पर ठगी और फिर हत्या, एडीजे कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद, एक लाख का जुर्माना                        बक्सर खबर। स्थानीय व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) मनीष कुमार शुक्ला की अदालत ने मंगलवार को चर्चित मोहन कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी द्वारिका पांडेय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे छह माह के साधारण कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला नगर थाना कांड संख्या 179/24 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत सुनवाई की गई। अदालत ने पुलिस अनुसंधान, गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष की मजबूत दलीलों को आधार मानते हुए आरोपी को कड़ी सजा सुनाई।

अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 26 मार्च 2024 को होली के दिन शहर के स्टेशन रोड स्थित डीएवी स्कूल के सामने मोहन कुमार की निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक मोहन कुमार धनसोई का निवासी था। घटना के दिन आरोपी द्वारिका पांडेय, जो ब्रह्मपुर प्रखंड के एक प्राथमिक विद्यालय में नियोजित शिक्षक था, मोहन को अपने घर ले गया था। देर रात धनसोई पुलिस ने मृतक के भाई दीपक कुमार को फोन पर दुर्घटना की सूचना दी। लेकिन जब दीपक थाना पहुंचा, तो मामला कुछ और ही निकला। आरोपी पुलिस की हिरासत में था और मोहन का शव एक निजी अस्पताल में पड़ा था। सूचक दीपक कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि आरोपी ने कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर उसके भाई से डेढ़ से दो लाख रुपये लिए थे। जब मोहन ने पैसे वापस मांगे, तो विवाद बढ़ा और उसकी हत्या की साजिश रची गई। इस मामले में द्वारिका पांडेय के अलावा उसकी पत्नी, भाई मिथिलेश कुमार पांडेय और नेहा पांडेय के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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