महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में ‘युवा महत्वाकांक्षा’ पर संगोष्ठी आयोजित बक्सर खबर। शहर के महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय के तत्वावधान में “बदलते वैश्विक परिवेश में युवा वर्ग की महत्वाकांक्षा” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी सह प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि विश्वामित्र महामुनि की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। इसके बाद मंचासीन अतिथियों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया गया तथा दीप प्रज्ज्वलन कर अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया। संगोष्ठी में शिक्षा, समाज और युवाओं के भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान प्रतिभावान छात्रों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया। मुख्य अतिथि स्थानीय सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि आज का युवा बदलते वैश्विक परिवेश में नए अवसरों को पहचान रहा है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में भी आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं की सोच और उनके कर्म पर निर्भर करता है। साथ ही उन्होंने महर्षि विश्वामित्र के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए छात्रों को कर्तव्यनिष्ठ और आदर्श बनने की प्रेरणा दी। मुख्य वक्ता प्रो. मृत्युंजय सिंह ने वैश्वीकरण के इस दौर में युवाओं की बदलती महत्वाकांक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रतिभा के साथ नैतिक मूल्यों का संतुलन जरूरी है, तभी युवा समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकते हैं। विशिष्ट अतिथि प्रणव चटर्जी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ. महेश दत्त सिंह ने कहा कि आज का युवा तकनीक और ज्ञान के बल पर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने छात्रों को निरंतर अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के संयोजक एवं महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. कृष्णा कान्त सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान आयोजित क्विज प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को सांसद द्वारा मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. अवनीश कुमार पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रसायनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. भरत कुमार चौबे ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।






























































































