जिला शिक्षा पदाधिकारी पर 50 हजार का जुर्माना, वेतन से कटेगी राशि

0
591

जिला अपीलीय प्राधिकार का कड़ा फैसला, दो मामलों में 14 बार नोटिस के बावजूद नहीं दिया जवाब, आला अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट                              बक्सर खबर। जिला अपीलीय प्राधिकार ने न्यायिक आदेशों की लगातार अवहेलना और कर्तव्यहीनता के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह आदेश पीठासीन पदाधिकारी (प्रशासनिक) अजय कुमार पाण्डेय द्वारा सुनवाई के दौरान पारित किया गया। प्राधिकार ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अधिकारी द्वारा प्रतिवाद दाखिल न करना उनकी स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता का परिचायक है।

यह दंडात्मक कार्रवाई दो अलग-अलग अपील मामलों में हुई लापरवाही के आधार पर की गई है। पहला अपील संख्या 01/2019: अभिलाषा कुमारी बनाम उप विकास आयुक्त व अन्य। दूसरी अपील संख्या 03/2021: हरेन्द्र प्रसाद ठाकुर बनाम मुखिया, ग्राम पंचायत भदार एवं अन्य। अभिलेखों के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी को वर्ष 2023 से 2026 के बीच कई बार नोटिस, रिमाइंडर और कारण-पृच्छा जारी किए गए। पहले मामले में वर्ष 2024 से 2025 के बीच कुल पांच नोटिस भेजे गए, जबकि दूसरे मामले में फरवरी 2023 से मार्च 2026 तक कुल नौ बार नोटिस जारी किए गए। अंतिम अवसर के रूप में 24 मार्च 2026 को कारण-पृच्छा नोटिस भेजा गया था, लेकिन अधिकारी की ओर से कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ।

प्राधिकार ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में बाधा मानते हुए बिहार राज्य शिक्षण संस्थान शिक्षक एवं कर्मचारी नियमावली-2020 के नियम 16(ii) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग किया है। आदेश के अनुसार, दोनों मामलों के लिए 25-25 हजार (कुल 50 हजार) की राशि जिला शिक्षा पदाधिकारी के वेतन से काटकर सरकारी खाते (विपत्र कोड: R 0070011020001) में जमा की जाएगी। इस आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी जिला कोषागार पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को सौंपी गई है। आदेश की प्रति शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, निदेशक (प्राथमिक शिक्षा) तथा जिला पदाधिकारी, बक्सर को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here