पारिवारिक और संपत्ति विवाद में पांच साल की बच्ची को मोहरा बनाने पर विशेष कोर्ट नाराज बक्सर खबर। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश सह जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-6 अमित कुमार शर्मा की अदालत ने महिला थाना कांड संख्या 05/2025 में दाखिल अंतिम रिपोर्ट पर कड़ा रुख अपनाया है। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में मामले को पूरी तरह असत्य बताया है। अदालत के समक्ष दर्ज प्राथमिकी में महिला ने अपने ससुर, सास और ननदों पर प्रताड़ना, मारपीट तथा पांच वर्षीय बेटी के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया था। मामला पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। अंतिम रिपोर्ट में घटना को झूठा पाए जाने के बाद अदालत ने सवाल उठाया कि जब जांच में मामला फर्जी पाया गया तो शिकायतकर्ता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा-22 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा क्यों नहीं की गई।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपों की प्रकृति और घटना का विवरण प्रथम दृष्टया अत्यंत असंभावित प्रतीत होता है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि दोनों पक्षों के बीच संपत्ति विवाद चल रहा है। न्यायालय ने जांच अधिकारी को लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है कि फर्जी पॉक्सो मामला दर्ज कराने के आरोप में शिकायतकर्ता के खिलाफ अभियोजन की अनुशंसा क्यों नहीं की गई। साथ ही अदालत ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर अंतिम रिपोर्ट पर सुनवाई के लिए उपस्थित होने तथा यह बताने का निर्देश दिया है कि उसके विरुद्ध झूठा मामला दर्ज कराने के आरोप में कार्रवाई क्यों न की जाए। कोर्ट ने आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक, जांच अधिकारी और शिकायतकर्ता को भेजने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।































































































