डीएम को सौंपा ज्ञापन, पेंशन, बीमा और ड्राइवर आयोग गठन की उठाई मांग बक्सर खबर। बिहार ड्राइवर महासंघ के आह्वान पर जिले के ट्रक ड्राइवरों ने सोमवार को स्टेशन रोड स्थित कवलदह पोखरा के समीप अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में एकदिवसीय धरना दिया। धरना की अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार पाल ने की। इस दौरान दर्जनों ड्राइवरों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की। धरना को संबोधित करते हुए मनोज कुमार पाल ने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बाद भी देश के ड्राइवर गुलामी जैसा जीवन जीने को मजबूर हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर ड्राइवरों के लिए न तो पार्किंग की उचित व्यवस्था है, न ठहरने की सुविधा और न ही शौचालय की व्यवस्था। उन्होंने कहा कि सड़क पर सामने से आने वाली गाड़ियों की तेज हेडलाइट सीधे आंखों पर पड़ने से 50 से 55 वर्ष की उम्र में कई ड्राइवरों की आंखों की रोशनी कमजोर हो जाती है, जिससे उनका जीवन-यापन कठिन हो जाता है। ऐसे में सरकार को ड्राइवरों के लिए पेंशन की व्यवस्था करनी चाहिए। धरना के बाद ड्राइवरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को 15 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल करने, ड्राइवर आयोग की स्थापना, ड्राइवर वेलफेयर फंड बनाने तथा दुर्घटना में मृत्यु पर 20 लाख रुपये और अपंगता पर 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है।इसके अलावा 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू करने, ड्राइवरों के लिए आवास योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता देने, उनके बच्चों के लिए उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण, राष्ट्रीय राजमार्गों पर विश्राम गृह, शौचालय और पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। महासंघ ने वाहनों में आगे और पीछे रिकॉर्डिंग कैमरा लगाने, दूसरे राज्यों में बिहार के ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक का दर्जा देने की भी मांग की है। साथ ही 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने, ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाने, गाड़ी मालिकों द्वारा ड्राइवर के लिए 20 लाख रुपये का बीमा अनिवार्य करने और सभी सरकारी अस्पतालों के आईसीयू में ड्राइवरों के लिए एक बेड आरक्षित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। इसके अतिरिक्त ड्राइवरों को ड्राइविंग लाइसेंस के साथ स्वास्थ्य जांच के लिए आयुष्मान कार्ड की तर्ज पर हेल्थ कार्ड देने की भी मांग की गई है। इस मौके पर शिष्टमंडल में जिला सचिव विनोद चौधरी और जिला कोषाध्यक्ष मल्लू चौधरी सहित कई ड्राइवर मौजूद रहे।





































































































