उनके आदर्शों पर चलने का किया आह्वान, जल-जंगल-जमीन संरक्षण का लिया संकल्प बक्सर खबर। महान स्वतंत्रता सेनानी एवं जनजातीय गौरव भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि मंगलवार को शहर के इस्माइलपुर स्थित समाजसेवी एवं शिक्षक रामकेश्वर खरवार के आवास पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में उनके संघर्ष, बलिदान और समाज सुधार के कार्यों को याद किया गया। युवा जदयू जिला उपाध्यक्ष मार्कंडेय पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों की शोषणकारी नीतियों के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर क्रांतिकारी नेतृत्व प्रदान किया था। उन्होंने युवाओं से उनके विचारों और आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
प्रोफेसर चंदन खरवार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के पक्षधर थे। उनके शहादत दिवस पर पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वक्ताओं ने बताया कि अंग्रेजों ने मुंडा विद्रोह को दबाने के लिए क्रूर दमन का सहारा लिया था। मार्च 1900 में चक्रधरपुर के जामकोपाई जंगल से बिरसा मुंडा को गिरफ्तार कर रांची की ओल्ड सेंट्रल जेल में बंद कर दिया गया था। 9 जून 1900 को मात्र 24 वर्ष की आयु में जेल में उनका निधन हो गया। सरकारी अभिलेखों में मृत्यु का कारण हैजा बताया गया, हालांकि इसे आज भी रहस्यमय माना जाता है। कार्यक्रम में प्रोफेसर जितेंद्र यादव, प्रोफेसर हरिकेश्वर खरवार, शिक्षक संतोष खरवार, अंकित खरवार, दिव्यांशु खरवार, रघुकुल नंदन, आनंद खरवार, आयुष खरवार और मणिकर्णिका सहित कई लोग उपस्थित रहे।































































































