सनातन की रक्षा और विश्व कल्याण का दिया संदेश, 26 को प्राण-प्रतिष्ठा व 27 को होगा महाभंडारा बक्सर खबर। इटाढ़ी प्रखंड के खखड़ही गांव स्थित नर्मदेश्वर शिव मंदिर के जीर्णोद्धार एवं शिव मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित रुद्र महायज्ञ में मंगलवार को बसाव पीठाधीश्वर अच्यूत प्रपन्नाचार्य जी महाराज का आगमन हुआ। उनके आगमन से यज्ञस्थल पर आध्यात्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय हो उठा। पीठाधीश्वर ने सर्वप्रथम यज्ञशाला की परिक्रमा की तथा श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि समस्त विश्व के कल्याण हेतु इस प्रकार के धार्मिक आयोजन आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा से ही मानव, पशु-पक्षी और प्रकृति सुरक्षित रहेंगे। प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के बिना विश्व कल्याण संभव नहीं है।
गौरतलब है कि 22 फरवरी से प्रारंभ हुए इस महायज्ञ में गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु यज्ञशाला की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं। पूरे क्षेत्र में वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों से वातावरण गूंजायमान है। समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार अशोक उपाध्याय ने बताया कि 26 फरवरी को शिव मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा एवं रुद्र महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी। इस अवसर पर सनातन धर्म से जुड़े कई धर्माचार्य एवं समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है। वहीं 27 फरवरी को महाभंडारा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की संभावना है। मुख्य आयोजक राम भवन उपाध्याय सहित यज्ञ समिति के सेवक नितेश उपाध्याय, अजय पटेल, बनारसी शर्मा, अशोक शर्मा, मारकंडे चौधरी, अवधेश चौधरी, पवन उपाध्याय, तेलुगु राज चौधरी और धनजी उपाध्याय आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में महायज्ञ में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

































































































