– लोगों की टिकी हुई है निगाह, चुनावी जानकार बैठा रहे हैं उम्मीद की गोटी
बक्सर खबर। पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती एक जुलाई से प्रारंभ हो जाएगी। क्योंकि वर्ष के छह माह समाप्त जो हो चुके हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस माह में आरक्षण रोस्टर जारी हो सकता है। प्रत्येक दस वर्ष बाद आरक्षण रोस्टर में बदलाव होता है। अर्थात जो पंचायत सामान्य महिला है व किसी आरक्षित वर्ग की महिला के रुप में परिवर्तित हो सकती है। पिछले बीस वर्षों में दो बार ऐसा हो चुका है। इस वर्ष भी अक्टूबर-नंबर में पंचायत चुनाव संभावित हैं। जिसको देखते हुए इस माह में नया रोस्टर जारी होगा।
जिलों से सूची नए बदलाव के साथ राज्य निर्वाचन आयोग को मंजूरी के लिए भेजी गई है। और चुनाव लड़ने वाले लोगों की नजर उस तरफ लगी हुई है। कुछ जानकार तो ऐसे हैं जो अभी से घोषणा किए बैठे हैं। लेकिन, जब तक अनुमोदित सूची जारी नहीं होती। किसी को विश्वास होगा नहीं। वैसे आरक्षण का जो कुल मानक है। उसमें से 50 प्रतिशत सीट महिलाओं के लिए आरक्षित है। इन पचास में ही सामान्य वर्ग महिला हो, अनुसूचित जाती हो या पिछड़ा वर्ग। सभी को शामिल किया जाता है। अपने जिले में फिलहाल 11 प्रखंड की कुल 137 पंचायतें हैं। पहले इनकी संख्या 142 हुआ करती थी।
लेकिन, पिछले नगर परिषद चुनाव के वक्त पांच संख्या घट गई। जैसे चौसा, इटाढ़ी, ब्रह्मपुर को नगर पंचायत बना दिया गया। बक्सर नगर परिषद में पांडेयपट्टी और अहिरौली को शामिल कर दिया गया। जासो का कुछ हिस्सा भी कटा है। इस वजह से पंचायत की संख्या में कमी आई है। जो शेष पंचायतें बची हैं। उनमें से कौन सामान्य रहेगी, कौन आरक्षित होंगी। यही सूची लोगों को बैचेने किए हुए है। लेकिन, उसका इंतजार इस माह में समाप्त हो सकता है। अगर कोई अड़चन नहीं आई तो चुनाव भी अक्टूबर-नवंबर में होंगे। हालांकि इस बीच अधिकारियों का तबादला भी होता है। जिस पर लोगों की नजर टिकी है।
































































































