12 एजेंसियों पर पुलिस और दंडाधिकारी तैनात, सुबह 9 से शाम 5 बजे तक अधिकारियों की मौजूदगी में होगा गैस वितरण बक्सर खबर। मिडल ईस्ट में जारी युद्ध की स्थिति को देखते हुए एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बाधित होने की आशंका गहरा गई है। इस संभावित संकट को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। सदर एसडीएम अविनाश कुमार ने कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी करते हुए जिले की प्रमुख गैस एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती कर दी है। प्रशासन को अंदेशा है कि आपूर्ति में कमी की खबरों का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी कर सकते हैं। इसे रोकने के लिए 13 मार्च से 20 मार्च तक विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा। एसडीओ ने स्पष्ट किया है कि गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना और विधि-व्यवस्था कायम रखना प्राथमिकता है।
अनुमंडल प्रशासन ने बक्सर, इटाढ़ी, चौसा और राजपुर प्रखंड की 12 बड़ी गैस एजेंसियों के लिए अलग-अलग दंडाधिकारियों की नियुक्ति की है। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी सुबह 09 बजे से शाम 05 बजे तक अपनी उपस्थिति में गैस वितरण सुनिश्चित कराएंगे। सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार देव को पूरे अनुमंडल स्तर पर इस व्यवस्था का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। प्रशासन द्वारा सोनामति इण्डेन, मां कात्यायनी इण्डेन, योगेन्द्र नाथ इण्डेन, कुंवर ज्योति गैस सर्विस, विश्वामित्र भारत गैस, आनंद एचपी गैस, आराध्या भारत गैस इटाढ़ी, चौसा इण्डेन, बालखण्डी एचपी गैस, आर्शीवाद भारत गैस, इन्द्रमणी इण्डेन राजपुर और राधा रमण ग्रामीण वितरण धनसोई पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
एसडीओ ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर पुलिस बल के साथ सहयोग प्रदान करें। साथ ही, प्रखंड आपूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करें। यदि कहीं भी अनियमितता या अवैध भंडारण पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आपूर्ति में कमी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि आम जनता को असुविधा न हो और पारदर्शी तरीके से गैस का वितरण सुनिश्चित किया जा सके।






























































































