पंजीकरण में लापरवाही और कचरे के गलत निस्तारण पर गिरेगी गाज बक्सर खबर। जिला समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित निजी क्लीनिकों की स्थिति, उनके पंजीकरण, तथा बायो-मेडिकल कचरे के समुचित निष्पादन को लेकर गहन समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि ऐसे गैर-सरकारी क्लीनिकों को चिन्हित किया जाए, जो समय पर जैव-चिकित्सा अपशिष्ट का निष्पादन नहीं कर रहे हैं या सार्वजनिक स्थलों पर इसका निस्तारण कर रहे हैं। ऐसे संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में संगम मेडिसर्व के प्रतिनिधि को भी निर्देशित किया गया कि बकाया राशि से संबंधित विपत्र सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव को शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि जिले में कई निजी क्लीनिक बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। इस पर उप विकास आयुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि ऐसे अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों की जांच कर उनके विरुद्ध यथासंभव कठोर कार्रवाई की जाए।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जहां जैव-चिकित्सा अपशिष्ट का निष्पादन सही तरीके से नहीं हो रहा है, वहां नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। इसके अलावा, उन निजी संस्थानों पर भी नजर रखने को कहा गया जो पंजीकृत तो हैं, लेकिन निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं या संगम मेडिसर्व के माध्यम से अपशिष्ट का निष्पादन नहीं करा रहे हैं।ऐसे मामलों की विधिवत जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उप विकास आयुक्त ने जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को निर्देश दिया कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची को सभी कार्यपालक पदाधिकारियों तक यथाशीघ्र पहुंचाया जाए, ताकि निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सके।





























































































