बिहार सरकार के फैसले पर राजकुमार चौबे ने जताया आभार, बोले सनातन आस्था और वर्षों के संघर्ष की जीत बक्सर खबर। केंद्रीय कारा परिसर स्थित भगवान वामन मंदिर के विकास और संरक्षण को लेकर बिहार सरकार के हालिया फैसले का विश्वामित्र सेना ने स्वागत किया है। संगठन ने इसे सनातन समाज की आस्था और लंबे समय से चल रहे जनसंघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने बताया कि 30 जून को पटना में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने भगवान वामन मंदिर सहित बक्सर की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण तथा विकास की मांग प्रमुखता से उठाई थी। सरकार से मंदिर परिसर के समुचित विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था।उन्होंने कहा कि एक जुलाई को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में भगवान वामन मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत मंदिर परिसर के लिए भूमि अलग से सुरक्षित रखने, चहारदीवारी और सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने का भी फैसला लिया गया है।
राजकुमार चौबे ने कहा कि यह केवल विश्वामित्र सेना की नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की आस्था की जीत है। भगवान वामन मंदिर बक्सर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। सरकार का यह निर्णय ऐतिहासिक और स्वागतयोग्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने सनातन समाज की भावनाओं का सम्मान किया है। इससे बक्सर की धार्मिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं शोधकर्ताओं के लिए भी यह स्थल आकर्षण का केंद्र बनेगा। विश्वामित्र सेना ने उम्मीद जताई कि मंदिर के विकास कार्य जल्द शुरू होंगे। संगठन ने यह भी कहा कि भगवान वामन मंदिर को जेल परिसर से मुक्त कराने की मांग विश्वामित्र सेना द्वारा वर्षों से संवैधानिक तरीके से उठाई जाती रही है।






























































































