अर्चना की फाइल फोटो

बक्सर खबर : शिक्षा लोगों को सम्मान दिलाती है। भले ही आप किसी वर्ग के आते हों। ऐसा ही मुकाम हासिल किया है अर्चना ने। नावानगर प्रखंड के सलसला गांव की निवासी अर्चना गहलोत ने यूजीसी द्वारा आयोजित नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर फेलोशिप करने की योग्यता हासिल कर ली है। सात भाई बहनों में सबसे छोटी अर्चना के पिता राजाराम पासवान उच्च विद्यालय कोइलवर में प्रधानाध्यापक थे। मां सरस्वती देवी भी शिक्षक थीं। दोनों अब सेवा निवृत हो चुके हैं। उनकी इस होनहार बेटी ने एजडी जैन कालेज आरा से स्नातक की डिग्री ली। फिलहाल मध्य विद्यालय में शिक्षक है।

नेट परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद फिलहाल वह सिविल सेवा के लिए प्रयासरत है। लेकिन एक बात तय है उसे कालेज में व्याख्याता अथवा आगे चलकर प्रोफेसर बनने की राह आसान कर ली है। घर वालों ने बताया बचपन से अपने चाचा ददन आजाद व चाची उर्मिला के साथ आरा में रही। वहीं पकड़ी चौक के पास स्कूल से प्राथमिकी शिक्षा ली। इसकी इस सफलता से पूरा परिवार खुश है। बेटी अब नया मुकाम हासिल करेगी। चार भाई और तीन बहनों में वह सबसे छोटी है। उसकी लगन को देख उससे बड़ी बहन ने भी बीपीएससी की पीटी परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। गांव के लोग इन बेटियों की तरफ आशा भरी नजर से देख रहे हैं। जो परिवार ही नहीं पूरे गांव का नाम रौशन करेंगी।

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