-गोल्फ में सोना जितने वाले पहले बिहारी, इंडियन नेवी में हैं कार्यरत
बक्सर खबर। बक्सर के रहने वाले इंडियन नेवी के सुबेदार रमुन सिंह ने इतिहास रच दिया है। वे बिहार के रहने वाले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता है। यह एक ऐसा खेल है, जो आम खिलाड़ी की पहुंच से दूर का खेल है। सामान्य तौर पर इसका प्रशिक्षण भी किसी को नहीं मिल पाता। लेकिन, उसी गोल्फ ने रमुन सिंह को आज राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर कर दिया है। साथ ही यह अपने जिले के लिए गर्व की बात है।
इस खेल की बदौलत ही आज वे नेवी में प्रमोशन पाकर सूबेदार रैंक के अधिकारी बन गए हैं। यह मेडल उन्हें इंडोनेशिया में आयोजित प्रतियोगिता के दौरान मिली। 23 से 26 जून तक चली प्रतियोगिता में भारत के अलावा जापान, हांगकांग, यूएस आदि की टीमें शामिल हुई। अब रमुन सिंह का परिचय जान लेते हैं। वे मूल रुप से डुमरांव प्रखंड के थाना कृष्णाब्रह्म अंतर्गत रावल डेरा के निवासी हैं। इनके पिता हरेराम सिंह गोल्फ क्लब दिल्ली में काम करते थे। 1986 में उनके पुत्र का जन्म हुआ। 92 में बेटे को भी वे अपने पास दिल्ली ले गए।
जहां क्लब के परिसर में रहते हुए उन्हें गोल्फ का प्रशिक्षण मिल गया। और आगे चलकर बेटा इंडियन नेवी में चला गया। नौकरी मिलने के बाद उनका खेल आगे बढ़ने में सहायक हुआ। गोल्फ की टीम में वे इकलौते दक्ष खिलाड़ी थे। तो भारतीय सेना ने उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया। और उनकी लगन का परिणाम रहा आज एशिया पैसिफिक गोल्फ फाउंडेशन की प्रतियोगिता में उन्होंने भारत के लिए गोल्ड जीता। साथ ही बिहार के पहले गोल्ड विनर गोल्फ खिलाड़ी बनने का श्रेय भी प्राप्त कर लिया। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल चार मेडल अपने नाम किए हैं।
































































































