वकील पर जानलेवा हमला करने वाले दो को 8-8 साल का सश्रम कारावास

0
574

50-50 हजार रुपये जुर्माना, लाठी, भाला और कट्टे से घेरकर किया था लहूलुहान, 15 साल बाद मिला न्याय                                                                     बक्सर खबर। करीब 15 साल पुराने अधिवक्ता पर जानलेवा हमले के मामले में गुरुवार को जिला अपर सत्र न्यायाधीश-2 की अदालत ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने अहिरौली निवासी विरेन्द्र कुमार चौबे और हरेन्द्र कुमार चौबे को दोषी करार देते हुए 8-8 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत 8-8 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 324 के तहत दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं धारा 323 के तहत छह-छह माह के कारावास का भी आदेश दिया गया। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का निर्देश दिया।

अपर लोक अभियोजक बिनोद कुमार सिंह ने बताया कि मामला औद्योगिक थाना कांड संख्या 21/12 से संबंधित है। घटना 6 जून 2011 की है। उस दिन अधिवक्ता प्रदुमन चौबे कोर्ट गए थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि उनके गोतिया उन पर हमला करने की फिराक में हैं। इसकी जानकारी उन्होंने अधिवक्ता संघ को भी दी। कोर्ट से घर लौटने के दौरान सारीमपुर बगीचा के पास आरोपितों ने उन्हें घेर लिया। लाठी, भाला, रामी और कट्टा से हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। आसपास के लोग जुटे तो हमलावर फरार हो गए। बाद में घायल अधिवक्ता को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस ने उनका फर्द बयान दर्ज किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस अनुसंधान, प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों की गवाही को महत्वपूर्ण माना। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपितों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here