बक्सर खबर (माउथ मीडिया) । बड़े दिनों बतकुच्चन गुरू से आज मुलाकात हो गई। उन्हें देखकर मन को एक सुकुन मिला। चलो नजर तो आए। पता नहीं कितने दिन हो गए। किस कोने में दबे थे। नजर पड़ते ही मैंने उन्हें जोर से आवाज दी। कहां छीप गए गुरु बड़े दिन मिले। मेरी बात सुनते ही वे हंस पड़े। बोले ध्यान में थे, उपर वाले की इबादत में लगे थे। लेकिन, अब वहां भी शांति नहीं रही। तो बाहर आवे पड़ा। जहां मडई लगाए थे। उहां ससुरा पता नहीं कहा से बहुते तेलचट्टा आ गवा सब। एगो को भगावे तो दू मिला आ धमका। उ सब ससुरा के हम भगाए तो एगो बोला हम सब से पार्टी बन गया है। सबसे बड़ा पार्टी है, आज के डेट में। ज्यादा तड़क-भड़क किए तो कुर्सिए खा जाएंगे।
हम सुने तो माथा चकरा गया। ससुरा इ सब कोना अतरा में रहे वाला जीव बेधड़क धमकी दे रहा है। हम घर से बाहर निकले तो सोचे चलते हैं, चट्टी पर पान-पताई होगा। अपने पूराने ठिहा पर गए तो वहां सब मनई भी इहे सब बतिया रहा था। तेलचट्टा अब काक्रोच हो गवा है। जमाना बदल गया है। सीधे क्रेडिट पर हमला करता है। पहले इस सब अलीज-गलीज खावे रहा। अब सीधे क्रेडिट खा रहा है। उस सब का बात हमरे भेजा के उपरे से गुजर रहा था। तो सोचे तोहरे से मिलकर पूछते हैं। कौन मिला इस पार्टी बनाया है। सुने है सुबा का जौन निजाम बना है। उ एही शहर में रहता है।
गुरु तू अगर ओकरा पहचानते हो तो हमारा पता बताओ। हम ओ ससुर मिले बदे जाउंगा। बतकुच्चन गुरू एक सांस में बोले जा रहे थे। रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। हमने उनको आश्वस्त किया। आप इ सब पर काहे ध्यान देते हैं। समय बदल रहा है। तरह-तरह के वाइरस आ रहा है। समझदारी इसमें है कि, इस पर ध्यान नहीं दिया जाए। मेरी बात सुन बतकुच्चन गुरु भड़क गए। तो ही के मुंहढकनी लगा के रहना है तो रहो। हम ससुर इ सब के उत्पात न मचावे देंगे। जौन मिला गलत है, ओके बढ़ावा नहीं देंगे। कहते हुए वे निकल लिए। मैं उनको जाते देखता रहा। और मन ही मन अफसोस भी कर रहा था। इतने दिनों बाद बतकुच्चन गुरू से मुलाकात हुई थी। मैंने उनको बेवजह से टोक दिया। ( माउथ मीडिया : बक्सर खबर का साप्ताहिक कॉलम है। जो शुक्रवार को प्राकाशित होता है। आप इससे जुड़े सुझाव हमें कमेंट के माध्यम से दे सकते हैं। )


































































































