– ब्रह्मपुर में तैनात होमगार्ड सिपाही की पत्नी का टूट गया था पैर
बक्सर खबर। उपचार के अभाव में मौत हो जाती है। लेकिन, जब अस्पताल में भर्ती मरीज भी काल के गाल में समा जाए तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ता है। ऐसा ही हुआ गृह रक्षा वाहिनी के सिपाही सुरेंद्र यादव की पत्नी के साथ। उन्हें उपचार के लिए आरा के पकड़ी चौक के समीप स्थित शंकर अस्पताल में दाखिल किया गया था। उनके साथ दुर्घटना 16 मई को ही हुई थी। लेकिन, बुधवार की शाम 27 मई को उनकी मौत हो गई। परिजनों ने कारण पूछा तो चिकित्सक संतोष जनक कारण नहीं बता पाए। नाराज परिजनों ने आक्रोशित होकर सड़क जाम कर दिया। अस्पताल के बाहर जमा भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसकी सूचना मिलते ही नवादा थाना के प्रभारी विपिन बिहारी मौके पर पहुंचे।
आक्रोशित लोगों को समझाया। पुलिस मामले की जांच करेगी। इस आश्वासन के बाद लोग वहां से हटे। मृत महिला लाखमुनी देवी (47) के पुत्र शंकर यादव ने मीडिया को बताया। मां का बायां पैर टूट गया था। हम लोग उन्हें शाहपुर के एक अस्पताल में ले गए थे। वहां से आरा रेफर कर दिया। उनको केशव अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन, उनका दर्द बढ़ता जा रहा था। चिकित्सकों ने बताया ऑपरेशन करना होगा। उसी की प्रक्रिया चल रही थी। पता नहीं कैसी सुई लगाई यहां के स्वास्थ्य कर्मियों ने, उनकी हालत बिगड़ने लगी। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। यहां बात परिजनों को नागवार गुजरी। हम लोग ब्रह्मपुर थाना के नावाडीह गांव के निवासी हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया। हम इसकी गहनता से जांच कर रहे हैं।
































































































