-महिलाओं को जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आयोजित किया शिविर
बक्सर खबर। यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं और युवतियों को सरकार जरुरत पड़ने पर आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराती है। उनके पुनर्वास का इंतजाम भी किया जाता है। इसकी जानकारी देने के लिए शनिवार को चौसा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बक्सर के आदेश संख्या 878/2026 के आलोक एवं सचिव नेहा दयाल के मार्गदर्शन में उपरोक्त विषय पर पैनल अधिवक्ता आरती कुमारी एवं पीएलवी सुरेंद्र पांडेय द्वारा विधिक जागरुकता किया गया।
पैनल अधिवक्ता आरती कुमारी ने बताया कि इसे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया था। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद पूरे देश में लागू किया गया। इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य पीड़ित को आर्थिक सहायता देने के साथ उनके पुनर्वास में मदद करना है। इस योजना के तहत अधिकतम दस लाख रुपये तक की मुआवजे की सीमा तय की गई है। यदि पीड़िता की उम्र 14 वर्ष से कम है, तो मुआवजे की राशि में पचास प्रतिशत की वृद्धि की जा सकती है। इसके लिए पीड़ित महिला या उनके आश्रित को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बक्सर के पास आवेदन देना होगा।
इसके लिए आवश्यक दस्तावेज के लिए एफआईआर की प्रति, मेडिकल रिपोर्ट और पहचान पत्र की आवश्यकता होती है। यदि किसी को सहायता की आवश्यकता होती है तो वह नालसा हेल्पलाइन 15100 पर मुफ्त कानूनी सहायता ले सकता है। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज पासवान, प्रखण्ड चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्र मणि विमल, मंजू, नूतन भारती, नीलम देवी, उमरावती देवी, रीना कुमारी, कुमारी सीमा, कुमारी सुनीता, रागिनी, राशिका, रीमा, मंजू, पार्वती, पन्ना देवी, अंकिता, अफरीन खातून, अनील कुमार मीना, अरविंद कुमार सहित अन्य आशा फैसिलिटेटर, एएनएम, सीएचओ एवं आशा की उपस्थिति रही।
































































































