करीब तीन साल से चार्जशीट दबाए बैठे आईओ के वेतन से जुर्माना वसूलने का आदेश

0
528

2023 में तैयार चार्जशीट को 2026 में किया दाखिल, बक्सर कोर्ट ने एसपी को दिए कार्रवाई के निर्देश                                                                           बक्सर खबर। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने औद्योगिक थाना कांड संख्या 153/2021 में आईओ की गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने आईओ अभय कुमार सिंह के वेतन से 5 हजार रुपये की लागत वसूलने का आदेश दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई है। अदालत ने कहा कि मामले की चार्जशीट 28 अगस्त 2023 को तैयार कर ली गई थी, लेकिन इसे 19 जून 2026 को, यानी लगभग दो वर्ष 10 माह की देरी से न्यायालय में दाखिल किया गया। इस असाधारण विलंब का कोई कारण भी अनुसंधान पदाधिकारी ने नहीं बताया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि इस लापरवाही के कारण मुकदमे की सुनवाई करीब तीन वर्षों तक आगे नहीं बढ़ सकी।

अदालत को कई बार प्रगति प्रतिवेदन मांगना पड़ा। जब रिपोर्ट नहीं दी गई तो थाना प्रभारी की व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश जारी किया गया। इसके बाद ही चार्जशीट दाखिल की गई। अदालत ने यह भी पाया कि पीड़िता की मूल मेडिकल रिपोर्ट के बजाय केवल फोटोकॉपी प्रस्तुत की गई, जबकि मूल रिपोर्ट नहीं देने का कोई कारण भी नहीं बताया गया। विशेष न्यायाधीश ने इसे अनुसंधान पदाधिकारी का गैर-जिम्मेदाराना और न्यायिक आदेशों की अवहेलना वाला आचरण बताते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अभियोजन पर 5 हजार रुपये की अनुकरणीय लागत लगाई। साथ ही आदेश दिया कि यह राशि आईओ अभय कुमार सिंह के वेतन से काटकर 15 दिनों के भीतर सिविल कोर्ट, बक्सर के नजारत में जमा कराई जाए। अदालत ने पुलिस अधीक्षक, बक्सर को आदेश के अनुपालन का निर्देश देते हुए कार्रवाई प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here