ठेका कर्मियों को नियमित करने और पुरानी पेंशन बहाली की उठी मांग, सीएस के आदेश को बताया तानाशाहीपूर्ण बक्सर खबर। बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर शनिवार को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी 26 सूत्री मांगों के समर्थन में सदर अस्पताल से सिविल सर्जन कार्यालय तक प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सिविल सर्जन के माध्यम से सचिव, स्वास्थ्य विभाग बिहार के नाम मांग पत्र सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के जिलामंत्री आनंद सिंह ने किया। दोपहर 12 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए। सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचने के बाद सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए जिलामंत्री आनंद सिंह ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने ठेका एवं संविदा कर्मियों को नियमित करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और चार लेबर कोड को बिहार में लागू नहीं करने की मांग उठाई। साथ ही एनएचएम कर्मियों को हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान करने की भी मांग की गई।
उन्होंने सिविल सर्जन के आदेश ज्ञापांक 1172 को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की। कहा कि प्रखंड स्तर के कर्मचारियों के वेतन भुगतान का अधिकार पहले से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को प्राप्त है। संघ के राज्य उपाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि सरकार ने साजिश के तहत एएनएम और लिपिक समेत जिला कैडर कर्मियों को राज्य संवर्ग में शामिल कर दिया है। उन्होंने इसे वापस लेकर पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग की। राज्य संघर्ष उपाध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियों से कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है। उन्होंने समय पर वेतन भुगतान समेत अन्य मांगों पर विस्तार से अपनी बात रखी। सभा को विनोद श्रीवास्तव, गीता कुमारी, कुन्तु कुमारी, नागेश पांडेय और रूकमीणा ने भी संबोधित किया। मौके पर अनिल कुमार, विनोद कुमार, खुशबू, इंदु, सुमी हंसदा, लालपरी सहित दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
































































































