डीएम साहिला की समीक्षा बैठक में कई विभागों को विशेष निर्देश बक्सर खबर। जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शनिवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आम लोगों, मजदूरों, बच्चों और यात्रियों को राहत पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। बैठक में नगर परिषद बक्सर और डुमरांव के अधिकारियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में अस्थायी शेड बनाने का निर्देश दिया गया। वहीं रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर यात्रियों के लिए कूल रूम की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। सिविल सर्जन को सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बने कूल रूम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों में हीट वेव से संबंधित दवाओं और सुविधाओं की नियमित जांच करने को कहा गया।
डीएम ने जिला परिवहन पदाधिकारी को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक वाहनों का कम से कम परिचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं आईसीडीएस विभाग को सभी आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 7 बजे से 10 बजे तक संचालित करने तथा बच्चों के लिए ठंडा पेयजल और ओआरएस की व्यवस्था करने को कहा गया। बिजली विभाग को अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का पर्याप्त भंडारण रखने का निर्देश दिया गया, ताकि खराबी आने पर तुरंत बदलाव किया जा सके। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल को भूजल स्तर की निगरानी करते हुए खराब चापाकलों की मरम्मत कराने और 24 घंटे कंट्रोल रूम चलाने को कहा गया। बैठक में मजदूरों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। श्रम विभाग को निर्देश दिया गया कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक मजदूरों से काम नहीं कराया जाए। निर्माण स्थलों, ईंट भट्ठों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए पेयजल, आइस पैड और शेड की व्यवस्था अनिवार्य करने को कहा गया।
प्रशासन ने लू से बचाव के लिए मजदूरों की कार्य अवधि भी बदली है। अब सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 3:30 बजे से 6:30 बजे तक ही कार्य कराने की सलाह दी गई है। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को मजदूरों के बीच जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। डीएम ने शिक्षा विभाग को स्कूलों के समय में कटौती करने तथा आवश्यकता पड़ने पर अल्प अवधि के लिए स्कूल बंद करने पर विचार करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी स्कूलों और परीक्षा केंद्रों में पेयजल और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।































































































