नोटबंदी और जीएसटी के बाद अब नया आर्थिक संकट, स्वर्णकारों की रोजी-रोटी पर सीधा हमला बक्सर खबर। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देशवासियों से सोना नहीं खरीदने की अपील पर सदर के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे छोटे सर्राफा कारोबारियों और स्वर्णकारों के लिए डेथ वारंट करार दिया है। मुन्ना तिवारी ने कहा कि बक्सर जैसे शहरों में अधिकांश सर्राफा व्यवसाय छोटे कारोबारियों और पारंपरिक स्वर्णकारों पर आधारित है। नोटबंदी और जीएसटी की मार से व्यापारी अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि अब प्रधानमंत्री की अपील ने उन्हें नई आर्थिक चिंता में डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि लगन के मौसम में सोने की खरीदारी कारोबार का सबसे बड़ा समय होता है। ऐसे में इस तरह की अपील से व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। कई छोटे कारोबारी ब्याज पर पैसा लेकर व्यवसाय चलाते हैं। बिक्री घटने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है। पूर्व विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का सर्राफा कारोबार पर दूरगामी असर पड़ेगा। इससे लाखों कारीगरों और व्यापारियों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-एनडीए शासन में पहले से ही व्यापारियों की स्थिति दयनीय हो चुकी है।मुन्ना तिवारी ने कहा कि देश के करोड़ों स्वर्णकारों, पारंपरिक कारीगरों और व्यापारियों के रोजगार पर यह सीधा हमला है। आयात शुल्क बढ़ाने से इस उद्योग पर दबाव बढ़ेगा और तस्करी व जमाखोरी को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक सोने के भंडार में लगातार वृद्धि कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को सोना नहीं खरीदने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
































































































