‘जहां कोई कबीर जिंदा है’ पुस्तक का लोकार्पण, साहित्य की भूमिका पर हुई विचार गोष्ठी बक्सर खबर। शहर के स्टेशन रोड स्थित ज्योति प्रकाश लाइब्रेरी में रविवार को प्रख्यात साहित्यकार कुमार नयन की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत देशज के संपादक एवं वरिष्ठ साहित्यकार अरुण शीतांश द्वारा कुमार नयन पर केंद्रित पुस्तक ‘जहां कोई कबीर जिंदा है’ के लोकार्पण से हुई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कुमार नयन आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके साहित्यिक विचार और कृतियां सदैव जीवित रहेंगी और साहित्य जगत को प्रेरित करती रहेंगी। उन्होंने उन्हें जमीन से जुड़ा रचनाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने साहित्य को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया था।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में वर्तमान परिप्रेक्ष्य में साहित्य की भूमिका, चुनौतियां और समाधान विषय पर विचार गोष्ठी भी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता डॉ. महेंद्र प्रसाद ने की, जबकि मंच संचालन राजेश कुमार शर्मा ने किया। विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. आशुतोष कुमार सिंह, डॉ. शशांक शेखर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी डॉ. सत्येंद्र कुमार ओझा तथा शिक्षाविद् निर्मल सिंह ने कहा कि कुमार नयन केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक साहित्यिक विचारधारा हैं। उनके बताए रास्ते पर चलते हुए साहित्य को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों के बीच साहित्यिक चेतना के विस्तार पर जोर दिया।
जिले के प्रसिद्ध मंच उद्घोषक एवं शायर साबित रोहतस्वी ने कुमार नयन से जुड़े अपने संस्मरण साझा कर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। श्रद्धांजलि सभा में फारुक सैफी, संतोष केसरी, रंजीत कुमार, डॉ प्रभाष चतुर्वेदी वैरागी, बबन सिंह कुशवाहा, रामजी सिंह, बबलू राज, हैदर अली, दिनेश कुमार, रमेश राम, गुलाम ख्वाजा, रामाधार सिंह, वैदेही श्रीवास्तव, शंकर वर्मा, भरत प्रसाद, शमशाद अली, माइकल पांडेय, आशुतोष दुबे, अशोक कुमार, कन्हैया यादव, चंद्र किशोर, कुमार प्रशांत, रेखा कुमारी, कुमार अनुराग, सीमा कुमारी, क्षितिज कुमार, कुमार विज्ञान, कुमार तपस और कुमार फलक सहित अनेक लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की।





























































































