बक्सर खबर (गुरु गरम है )। नेता सब का बात और …। सुनेंगे तो आप भी चकरा जाएंगे। चुनाव से पहले सब कहता है। यहां क्या है, सड़क पर सफाई नहीं है। कोई विश्वविद्यालय नहीं है। अर्थात कुछ नहीं है, हम आएंगे तो काया पलट देंगे। लेकिन, छेत्र की काया तो पलटती नहीं, नेताओं की जरूर पलट जाती है। अभी कुछ दिन पहले की बात है। एक नेता पढ़ने वाले विद्यार्थियों को समझा रहा था। हम भगवान नहीं हैं, लेकिन, उनसे कम नहीं है। इतना सुनते ही गुरु का माथा गरम हो गया। ऐसा भाषण क्यों दे रहा है भाई। संवाद पर ध्यान दिया तो सुनने में आया। हमारा समय बहुत व्यस्त है।
सुनकर लगा बात तो सही है। समय सबका कीमती होता है। लेकिन, आगे की पंक्तियां सुन माथा और झन्ना गया। हम चौबीस घंटे व्यस्त हैं। काम करना पड़ता है। नीतियां बनानी पड़ती हैं। हम बहुत व्यस्त हैं, हर घंटे, चौबीसो घंटे, 365 दिन। हमारे पास टाइम नहीं है। ऊपर से बर्थडे भी मनाना पड़ता है। हमने यह किया, हमने वह किया, सरकार टीका लगा रही है। बच्चियों के स्वास्थ्य को खतरा है। हमने पीसी की तो पूरी दुनिया की सरकारें घीर गईं। हमने एपस्टीन फाइल का अध्ययन किया। आप भी करें, करना चाहिए। लाखों पेज की फाइल है।
अब इतना सुनते-सुनते गुरु का मिजाज एक दम से गरम हो गया। आए थे तो 90 दिन में अपने स्तर से सड़क बना रहे थे। मुआवजा भी बांट रहे थे और नौकरी भी दिलवा रहे थे। अब लगे मृत्युदंड का प्रावधान तैयार करने। इस जिले को जो भी नेता मिलता है। सब बतकुच्चन करने वाला मिलता है। (नोट- गुरू गरम है, शनिवार को प्रकाशित होने वाला साप्ताहिक कॉलम है। जो सच की बानगी को प्रस्तुत करता है। बदलते अंदाज में। आप इस पर अपनी राय हमें कमेंट के माध्यम से जरुर दें।)






























































































