वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में राजेश कुमार आदित्य की पीएचडी मौखिकी संपन्न बक्सर खबर। भोजपुरी साहित्य जगत के लिए ज्येष्ठ कृष्ण नवमी का दिन ऐतिहासिक बन गया। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय,आरा के भोजपुरी विभाग में शोधार्थी राजेश कुमार आदित्य की पीएचडी मौखिकी सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। उनका शोध विषय ‘डॉ. अरुण मोहन भारवि के रचना संसार’ रहा। मौखिकी परीक्षा में भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो. दिवाकर पाण्डेय, शोध निर्देशिका डॉ. उषा रानी, प्रो. सिद्धार्थ शंकर तथा चर्चित साहित्यकार डॉ. अरुण मोहन भारवि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कई साहित्यकारों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने भी भाग लिया। शोध परीक्षक प्रो. जंग बहादुर पांडेय ने अपने प्रतिवेदन में शोध को मौलिक, गंभीर और प्रामाणिक बताया। उन्होंने कहा कि शोधार्थी ने डॉ. भारवि के साहित्यिक योगदान का गहन अध्ययन किया है।
शोधप्रबंध को सात अध्यायों में विभाजित किया गया है। इसमें डॉ. भारवि के व्यक्तित्व, कथा साहित्य, संपादन कला, फुटकर रचनाओं और साहित्यिक विशेषताओं का विस्तार से विश्लेषण किया गया है। अंतिम अध्याय में शोध के निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए हैं। परिशिष्ट में कई प्रतिष्ठित साहित्यकारों के साक्षात्कार भी शामिल किए गए हैं। इससे शोध की प्रामाणिकता और बढ़ गई है। प्रो. दिवाकर पाण्डेय, प्रो. सिद्धार्थ शंकर और डॉ. उषा रानी ने कहा कि डॉ. भारवि के समग्र भोजपुरी साहित्य पर यह शोध महत्वपूर्ण और सार्थक कार्य है। इस उपलब्धि पर भोजपुरी साहित्य मंडल एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के भोजपुरी विभाग को बधाई दी है।


































































































