छोटे कारीगरों और कारोबारियों पर असर पड़ने की जताई आशंका बक्सर खबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत करने के उद्देश्य से लोगों से एक वर्ष तक सोना और आभूषण खरीदने से बचने की अपील के बाद सर्राफा कारोबार और स्वर्णकार समाज में चिंता बढ़ गई है। स्वर्णकार समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद वर्मा ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भारत में सोना केवल निवेश का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक परंपरा और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवार आज भी संकट के समय सोने को सबसे सुरक्षित बचत मानते हैं।
उन्होंने कहा कि ज्वेलरी उद्योग से करोड़ों स्वर्णकार, कारीगर, डिजाइनर, पॉलिश कर्मी और छोटे दुकानदार जुड़े हैं। बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल बनने पर सबसे अधिक असर छोटे कारीगरों और दैनिक आय पर निर्भर परिवारों पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए व्यापक आर्थिक रणनीति अपनाई जाए। साथ ही यदि बाजार प्रभावित होता है तो छोटे व्यापारियों और कारीगरों के लिए राहत नीति, बीमा योजना और विशेष सहायता पैकेज लागू किया जाए। उन्होंने बताया कि स्वर्णकार समाज जल्द ही विभिन्न जिलों में जागरूकता अभियान और संवाद कार्यक्रम चलाएगा।


































































































