डाब ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, कहा- संगीत जगत ने खो दिया अनमोल रत्न बक्सर खबर। गायन जगत की महान हस्ती आशा भोसले के निधन से संपूर्ण भारतीय संगीत जगत, फिल्म उद्योग और दुनिया भर में बसे करोड़ों संगीत प्रेमियों में गहरा शोक व्याप्त है। 92 वर्ष की आयु में उनके निधन से केवल एक कलाकार ही नहीं, बल्कि सुरों का एक स्वर्णिम युग समाप्त हो गया है। इस दुखद अवसर पर जिला कलाकार संघ (डाब) के सदस्यों ने प्रेस वक्तव्य जारी कर इसे संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया और गहरी संवेदना व्यक्त की। संघ के अध्यक्ष सुरेश संगम ने कहा कि भारत ने एक अनुपम सुर-शिल्पी को खो दिया है। आशा भोसले जी की आवाज केवल गीत नहीं, बल्कि भावनाओं की सजीव अभिव्यक्ति थी। प्रेम की कोमलता, दर्द की गहराई, उत्सव की उमंग और चंचलता हर भाव को उन्होंने अपने सुरों में ढाला।
उनका योगदान हिंदी सिनेमा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारतीय संगीत की सांस्कृतिक धारा को नई दिशा दी। उनके कालजयी गीत और मधुर स्वर आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे। उनका जाना संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। वहीं, महासचिव हरिशंकर गुप्ता ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आशा जी की आवाज वह जादू थी, जो हर भाव में सहजता से ढल जाती थी। उनके गीतों में आत्मा को स्पर्श करने की अद्भुत क्षमता थी। आज संगीत भले ही मौन हो गया हो, लेकिन उनके सुर सदैव जीवित रहेंगे। उनकी अमर धुनें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी। संघ के सदस्यों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वह शोक-संतप्त परिवार, उनके चाहने वालों और पूरे संगीत जगत को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। साथ ही दिवंगत महान गायिका को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
































































































