न्यायिक प्रक्रिया, अभिलेख संधारण और तकनीकी कार्यों की दी गई जानकारी बक्सर खबर। स्थानीय व्यवहार न्यायालय में नव नियुक्त लिपिकों के लिए आयोजित दो दिवसीय रविवासरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को संपन्न हो गया। समापन समारोह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के विधिक सेवा सदन में आयोजित किया गया। नोडल अधिकारी सह न्यायिक दंडाधिकारी चंदन कुमार ने कहा कि न्यायालयीय प्रक्रिया में लिपिकों का कुशल प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। प्रशिक्षित कर्मचारी न्याय प्रशासन की रीढ़ होते हैं। उनकी दक्षता से न्यायालयीय कार्यों का सुचारु निष्पादन संभव हो पाता है। वरिष्ठ सेवानिवृत्त कर्मचारी अजय कुमार सिंह ने न्यायिक अभिलेखों की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि अभिलेख न्याय प्रक्रिया के पवित्र दस्तावेज होते हैं। इन्हें सुरक्षित और अक्षुण्ण रखना कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।
नाजिर संतोष कुमार द्विवेदी ने नकल शाखा से संबंधित प्रक्रिया और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। प्रभारी प्रशासन न्यायालय राजीव कुमार श्रीवास्तव ने लिपिकों के दायित्व और अनुशासन पर प्रकाश डाला। सिरेस्तदार रजनीकांत मिश्र ने न्यायालयीय कार्यों में कर्मचारियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। वहीं वरिष्ठ कर्मचारी कौशलेंद्र कुमार ओझा ने न्यायिक शुचिता और संवेदनशीलता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायालय मंदिर के समान है और यहां निष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए। सिस्टम ऑफिसर विजय कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सिस्टम असिस्टेंट सद्दाम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से न्यायिक तकनीक की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई न्यायिक कर्मियों और नव नियुक्त लिपिकों ने भाग लिया।
































































































