लू के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, डॉ. दिलशाद आलम ने बताए गर्मी से सुरक्षा के जरूरी उपाय

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सिरदर्द और तेज बुखार होने पर तुरंत लें डॉक्टरी सलाह, बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी रखें पानी                                                 बक्सर खबर। जिले में इन दिनों भीषण गर्मी और हीट वेव का असर तेजी से बढ़ता जा रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे हालात में शुक्रवार को जिले के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं रोटरी क्लब के जिलाध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम ने लू और अत्यधिक गर्मी से बचाव को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि इस मौसम में शरीर का तापमान संतुलित रखना और डिहाइड्रेशन से बचना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि गर्मी में खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। लोगों को अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे पानी, ओआरएस, नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों का जूस लेना चाहिए। भोजन हल्का और सुपाच्य होना चाहिए तथा तेल-मसालेदार और बासी खाने से बचना चाहिए। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फल और लौकी, तोरई, कद्दू जैसी सब्जियां लाभकारी हैं। चाय, कॉफी और शराब के सेवन से बचने तथा कच्चा प्याज खाने की भी सलाह दी।

डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि घर से बाहर निकलने के दौरान सावधानी बरतना भी बेहद जरूरी है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, सिर और चेहरे को टोपी, गमछा या छाते से ढकें और धूप से बचाव के लिए सनग्लासेस का इस्तेमाल करें। खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन का उपयोग भी जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को धूप में खेलने से रोकें और उन्हें समय-समय पर पानी पिलाते रहें। बुजुर्गों को ठंडी और हवादार जगह पर रहना चाहिए तथा दवाओं के सेवन को लेकर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। वहीं गर्भवती महिलाओं को अधिक पानी पीने और रसोई में पर्याप्त वेंटिलेशन रखने की सलाह दी गई है। हृदय, किडनी और उच्च रक्तचाप के मरीजों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है।

डॉ. आलम ने लू के लक्षणों के बारे में बताते हुए कहा कि तेज सिरदर्द, चक्कर, जी मिचलाना, 103-104 डिग्री तक बुखार और त्वचा का लाल व शुष्क होना इसके प्रमुख संकेत हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत छायादार जगह पर ले जाकर ठंडा करें, गीले कपड़े से शरीर पोंछें और होश में होने पर पानी या ओआरएस दें। गंभीर स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने अंत में लोगों से अपील की कि इस भीषण गर्मी में इंसानों के साथ-साथ बेजुबान पशु-पक्षियों का भी ख्याल रखें और उनके लिए घर के बाहर पानी की व्यवस्था जरूर करें।

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