कृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा के प्रसंग से भक्तिमय हुआ कथा पंडाल

0
21

प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ने दिया संस्कार और सेवा का संदेश, 10 मई को विशाल भंडारे के साथ होगा समापन                                      बक्सर खबर। शहर के बाईपास रोड स्थित बस स्टैंड के समीप आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गुरुवार को कथा पंडाल श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो उठा। कथा व्यास प्रेमाचार्य पीताम्बर जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और संस्कार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक धनवान वही व्यक्ति है, जो तन, मन और धन से सेवा एवं भक्ति करता है। परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम से ही संभव है। उन्होंने पूतना वध प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि राक्षसी पूतना ने बालकृष्ण को विषपान कराने का प्रयास किया, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उसका वध कर उसका भी कल्याण कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने गौ सेवा, गायत्री मंत्र के जाप और गीता पाठ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौ माता की सेवा से 33 करोड़ देवी-देवताओं की सेवा का पुण्य प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि भगवान स्वयं अपने भक्तों की चरणरज को भी हृदय में धारण करते हैं। महाराज जी ने श्रीकृष्ण की माटी लीला का वर्णन करते हुए कहा कि जब यशोदा मैया ने श्रीकृष्ण के मुख में सम्पूर्ण ब्रह्मांड का दर्शन किया तो वह आश्चर्यचकित रह गईं। उन्होंने बताया कि भगवान ने अपनी योगमाया से यशोदा माता को पुनः सामान्य अवस्था में ला दिया, ताकि उनकी बाल लीलाएं निरंतर चलती रहें। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने धर्म और संस्कृति से दूर होती जा रही है। यदि लोग गीता, रामायण और भागवत का अध्ययन करें तो आने वाली पीढ़ियां भी संस्कारी बनेंगी। कथाक्रम में गोवर्धन पूजा और इंद्र के मान-मर्दन का प्रसंग भी सुनाया गया। महाराज जी ने बताया कि जब ब्रजवासियों ने इंद्र पूजा छोड़कर गिरिराज गोवर्धन की पूजा शुरू की तो क्रोधित इंद्र ने मूसलाधार वर्षा कर दी। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठ अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की। इसके बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ और उन्होंने भगवान से क्षमा मांगी। कार्यक्रम में मुख्य यजमान आशुतोष मिश्रा, रेणु मिश्रा, आदित्य कुमार मिश्रा और अतुल कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि 10 मई को कथा का समापन विशाल भंडारे के साथ होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here