युद्ध का असर: गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए एसडीओ ने बुलाई आपात बैठक

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12 मार्च को 13 गैस एजेंसियों के संचालकों के साथ होगी उच्च स्तरीय समीक्षा, जमाखोरी करने वालों पर कसी जाएगी नकेल                                                          बक्सर खबर। मध्य पूर्व (खाड़ी देशों) में जारी युद्ध की आहट अब रसोई तक पहुंचती दिख रही है। युद्ध के कारण एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बाधित होने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए जिले की सभी प्रमुख गैस एजेंसियों के संचालकों को आपात बैठक के लिए बुलाया है। एसडीओ द्वारा जारी पत्र के अनुसार, युद्ध की स्थिति का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी या कालाबाजारी कर सकते हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम उपभोक्ताओं को गैस की किल्लत न हो और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में बक्सर सदर, इटाढ़ी, चौसा और राजपुर जैसे क्षेत्रों की कुल 13 गैस एजेंसियों के प्रोपराइटरों को शामिल होने का निर्देश दिया गया है।

इन प्रमुख बिंदुओं पर होगी चर्चा: गैस एजेंसियों के पास उपलब्ध वर्तमान स्टॉक की वास्तविक स्थिति। वितरण केंद्रों और संबंधित क्षेत्रों में सप्लाई की रिपोर्ट। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षात्मक कदम। प्रशासन ने सोनामती इंडेन, पाण्डेय इंडेन, कल्याणी इंडेन, योगेन्द्रनाथ इंडेन, कुंवर ज्योति गैस एजेंसी, विश्वामित्र भारत गैस, आनन्द एचपी गैस, आराध्या भारत गैस, चौसा इंडेन, बालखण्डी एचपी गैस, आशीर्वाद भारत गैस, इन्द्रमणी गैस और राधा रमन इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधकों को अनिवार्य रूप से रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने को कहा है। इस बैठक में केवल गैस एजेंसी संचालक ही नहीं, बल्कि सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और आपूर्ति निरीक्षकों को भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। जिला पदाधिकारी और पुलिस प्रशासन को भी इसकी सूचना दे दी गई है ताकि क्षेत्र में शांति और पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

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