विराट हिंदू सम्मेलन: स्वदेशी अपनाने और सामाजिक समरसता पर जोर

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आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर सफाई कर्मियों का सम्मान और पंच प्राण के संकल्प के साथ भारत को विश्वगुरु बनाने का आह्वान                                                             बक्सर  खबर। शहर के नया बाजार बस्ती में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज को एकजुट करने, स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और सामाजिक समरसता का कड़ा संदेश दिया गया। आयोजन समिति ने समाज के अभिन्न अंग सफाई कर्मियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र निर्माण में हर वर्ग का योगदान समान और पूजनीय है। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रांत कार्यवाह राजेंद्र प्रसाद, विशिष्ट अतिथि डॉ. रामनाथ ओझा और कन्हैया पाठक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि राजेंद्र प्रसाद ने संघ की संकल्पना पंच प्राण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए स्वदेशी अपनाने, पौधारोपण करने, जल संरक्षण, नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन, समाज में समरसता का भाव रखने तथा परिवार में संवाद बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और परंपरा की रक्षा से ही भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा।

विशिष्ट  अतिथि डॉ. रामनाथ ओझा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष केवल एक संगठन का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक है। इस अवसर पर सामूहिक हवन-पूजन का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोहन साह ने की, जबकि मंच संचालन गिरीश कुमार द्विवेदी ने किया। सम्मेलन की प्रस्तावना जिला प्रचारक अभिषेक भारती ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में अजय वर्मा ने आभार ज्ञापन किया, जबकि भारत माता की आरती अवधेश पांडेय ने प्रस्तुत की। इस मौके पर सुरेंद्र केसरी, शिवजी पासवान, रूक्मणी देवी, प्रमोद कुमार, रामजी तिवारी, संदीप कुमार, मदन केसरी, सोहन लाल, सुजीत कुमार, सुभाष कुमार, विनीता देवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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