रवि रंजन पाठक के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा

0
439

एडीजे-08 की अदालत का फैसला, बकाया पैसे मांगने गए युवक की हत्या कर खेत में छुपाया था शव                 बक्सर खबर। चर्चित रवि रंजन पाठक हत्याकांड में बुधवार को बड़ा फैसला आया। जिला अपर सत्र न्यायाधीश-8 सुनील कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी मनु कानू उर्फ ओमप्रकाश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामला ब्रह्मपुर थाना कांड संख्या 18/24 से जुड़ा है। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी। जुर्माना नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 201 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास देना होगा।

अपर लोक अभियोजक ददन कुमार सिंह ने बताया कि घटना 11 जनवरी 2024 की है। गायघाट निवासी रवि रंजन पाठक बकाया रुपये की मांग को लेकर कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के नोनियापुर गांव गए थे। इसके बाद वह अचानक लापता हो गए। मामले में उनके बड़े भाई भृगुनाथ पाठक ने ब्रह्मपुर थाना में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान 13 जनवरी 2024 को पुलिस ने आरोपी के घर के पास से रवि रंजन की बाइक बरामद की। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूल कर ली। इसके बाद उसके घर के समीप राहर के खेत से रवि रंजन पाठक का शव बरामद किया गया था। सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, गवाहों की गवाही और अनुसंधान को अदालत ने महत्वपूर्ण माना। सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को हत्या का दोषी पाया और सजा सुनाई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here