नशा मुक्त समाज के लिए विधिक जागरूकता और पुनर्वास पर जोर बक्सर खबर। व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सभागार में सोमवार को नशा मुक्ति जागरूकता, रोकथाम एवं पुनर्वास विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई। यह कार्यक्रम ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन के अंतर्गत संपन्न हुआ। आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं बक्सर मेडिकल सिटी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इसके पश्चात प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार काजल झांब द्वारा दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का विधिवत उद्घाटन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नेहा दयाल ने अपने संबोधन में नशा उन्मूलन में न्यायपालिका की भूमिका तथा प्रभावित व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। नशा पीड़ित को अपराधी नहीं, बल्कि एक मानसिक रोगी के रूप में देखने की आवश्यकता है। जैसे अन्य बीमारियों के उपचार हेतु अस्पताल जाया जाता है, वैसे ही नशा मुक्ति के लिए भी विशेष पुनर्वास केंद्रों का सहारा लेना चाहिए। पहले सत्र का संचालन सिविल जज नेहा त्रिपाठी ने किया, जबकि अन्य सत्रों का संचालन फाउंडेशन की वैष्णवी मिश्रा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन फाउंडेशन की स्नेहा कुमारी चौरसिया द्वारा किया गया।
मंच पर प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट मनोज कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) उदय प्रताप सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) मनीष कुमार शुक्ला, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) सुदेश कुमार श्रीवास्तव, जिला बार एसोसिएशन के सचिव विंदेश्वरी प्रसाद पाण्डेय तथा बक्सर मेडिकल सिटी फाउंडेशन के निदेशक राम नारायण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता में डीएलएसए के दीपेश जी एवं सुधीर जी तथा फाउंडेशन के अजय कुमार, कृष्ण जायसवाल, इंद्रजीत चौबे, मुकेश कुमार खरवार सहित अन्य सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।


































































































