प्रशासन ने बाल श्रमिकों को कराया आजाद, नियोजकों पर दर्ज होगी एफआईआर 

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बच्चों के भविष्य के लिए 25-25 हजार की एफडी और तत्काल तीन-तीन हजार रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान                                                                     बक्सर खबर। जिलाधिकारी साहिला के निर्देश पर सोमवार को श्रम संसाधन एवं प्रवासी मजदूर कल्याण विभाग द्वारा गठित बाल श्रमिक धावा दल ने चक्की प्रखंड क्षेत्र में सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान एक भवन निर्माण स्थल पर ईंट ढोने का कार्य करते हुए दो नाबालिग बाल श्रमिक पाए गए। टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बच्चों को तत्काल विमुक्त कराया और उन्हें आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद जिला बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि संबंधित दोषी नियोजकों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही है।

बाल श्रम को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विमुक्त दोनों बाल श्रमिकों को सरकार की ओर से त्वरित सहायता के रूप में 3000 रुपये प्रति बाल श्रमिक प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक श्रमिक के खाते में 25,000 रुपये जमा कराकर एफडी के रूप में सुरक्षित किया जाएगा, ताकि उनके भविष्य और पुनर्वास में सहयोग मिल सके। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में बाल श्रम को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जाएगा। इसी क्रम में सोमवार को आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर श्रम अधीक्षक द्वारा विस्तृत जानकारी साझा की गई। साथ ही अन्य माध्यमों से भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

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