मां कामाख्या के दर्शन और युद्ध स्थल के दीदार से बच्चों के खिले चेहरे, निदेशक सरोज सिंह ने बताया बौद्धिक विकास के लिए जरूरी बक्सर खबर। बाईपास रोड स्थित बिहार सेंट्रल स्कूल के लगभग ढाई सौ छात्र-छात्राएं शनिवार को शैक्षणिक परिभ्रमण पर धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के लिए रवाना हुए,जो अब लौट आए हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति की देखरेख में 25 शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ निजी वाहनों से बच्चों को कामाख्या धाम और चौसा युद्ध मैदान का भ्रमण कराया गया। विद्यालय के निदेशक शिक्षाविद सरोज सिंह ने बताया कि बच्चों के समग्र और बौद्धिक विकास के लिए शैक्षणिक परिभ्रमण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार हर वर्ष छात्र-छात्राओं को विभिन्न ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराता है, ताकि वे किताबों में पढ़ी गई ऐतिहासिक घटनाओं और धार्मिक धरोहरों को प्रत्यक्ष रूप से देख और समझ सकें। इससे उनकी जिज्ञासा, समझ और ज्ञान में वृद्धि होती है।
एक दिवसीय यात्रा के दौरान नर्सरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को चौसा युद्ध मैदान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया गया। शिक्षकों ने उन्हें वर्ष 1539 में हुए ऐतिहासिक युद्ध की जानकारी देते हुए इसके महत्व को सरल भाषा में समझाया। इसके साथ ही बच्चों ने मां कामाख्या मंदिर में दर्शन-पूजन कर धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी प्राप्त की। परिभ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चे पूरे जोश और उमंग के साथ ऐतिहासिक तथ्यों को जानने में रुचि लेते नजर आए। विद्यालय प्रबंधन की ओर से रास्ते में नाश्ता एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई थी। यात्रा के दौरान डिप्टी डायरेक्टर उर्मिला सिंह, शिक्षक विनय तिवारी, सुनील सिंह, वरुण सिंह, मधु सिन्हा एवं सुगंधि पांडेय सहित अन्य शिक्षकों ने बच्चों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली।
































































































